पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में हुई दरिंदगी की शिकार महिला डॉक्टर की मां विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाएंगी। वही वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लगभग तीन दशक के अंतराल के बाद पश्चिम बंगाल में फिर से विधानसभा राजनीति में लौटने की इच्छा जताई है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि वह बहरमपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं, हालांकि यह निर्णय पार्टी हाईकमान और केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी पर निर्भर करेगा।पांच बार के लोकसभा सांसद चौधरी ने आगामी चुनावों में कांग्रेस के सीमित फोकस के लिए संगठनात्मक कमजोरी और समय की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पार्टी को उसके पारंपरिक गढ़-मध्य और उत्तर बंगाल से फिर से मजबूत किया जाएगा।
चौधरी ने 1996 में नबाग्राम विधानसभा सीट जीती थी, लेकिन 1999 के आम चुनाव में बहरमपुर लोकसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी। गुरुवार 19 मार्च 2026 को उन्होंने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहती हैं. उन्होंने साफ किया कि उनका राजनीति में आने का एकमात्र उद्देश्य अपनी बेटी के लिए न्याय सुनिश्चित करना और वर्तमान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को उखाड़ फेंकना है।
पानीहाटी सीट से उम्मीदवारी की चर्चा:
पीड़िता की मां ने संकेत दिया है कि उन्हें उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी (Panihati) विधानसभा सीट से मैदान में उतारा जा सकता है।चर्चा है कि भाजपा उम्मीदवारों की अगली सूची में उनका नाम शामिल हो सकता है. भाजपा ने अब तक 2 लिस्ट जारी की है।इनमें पानीहाटी सीट पर किसी को टिकट नहीं दिया गया है।हाल ही में भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गयीं थीं।न्याय के लिए मैंने बहुत इंतजार किया, लेकिन अब मुझे समझ आ गया है कि इस सरकार को हटाये बिना मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा. मैं अब राजनीति के जरिये इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाऊंगी। आरजी कर की पीड़िता की मां संवाददाताओं से बात करते हुए भावुक हो गयीं. उन्होंने कहा- भाजपा ने मुझे बहुत पहले चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन तब मैं मानसिक रूप से उस स्थिति में नहीं थी. कल मैंने फैसला किया कि मैं यह चुनौती स्वीकार करूंगी. मैं राज्य की गृह मंत्री (ममता बनर्जी) के शासन को समाप्त करना चाहती हूं, जिन्होंने मेरी बेटी के मामले में न्याय की प्रक्रिया में बाधा डाली।
इंसाफ की लड़ाई अब राजनीतिक मार्ग से
अगस्त 2024 में हुए इस जघन्य कांड ने ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ एक बड़ा जनाक्रोश पैदा किया था. डॉक्टरों और नागरिक समाज के लंबे आंदोलन के बावजूद परिवार का मानना है कि राज्य सरकार ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की.
आरजी कर केस और चुनावी समीकरण:अगस्त 2024 में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर की बलात्कार और हत्या.
उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट से चुनाव लड़ने की संभावना।सीधा मुकाबला ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार से।भाजपा आरजी कर केस को महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुख्य मुद्दा बनायेगी। घटना ने देश भर में पैदा कर दिया था आक्रोश: अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में 31 वर्षीय डॉक्टर की बलात्कार के हत्या के मामले ने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया था. घटना के विरोध में राज्य भर में डॉक्टरों और नागरिक समाज समूहों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किये थे। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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