बंगाल चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में बड़ी चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इससे पहले पीएम मोदी लगभग 18,680 करोड़ रुपये के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे, जो 28 फरवरी को SIR इलेक्टोरल रोल्स के पब्लिकेशन के बाद राज्य का उनका पहला दौरा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आने वाली ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली रैली के लिए मशहूर दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तरह एक बड़ा स्टेज बनाया गया है।
ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री मोदी की आगामी विशाल जनसभा के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस रैली का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर की तर्ज पर बनाया गया मंच है, जिसे प्लाईवुड, प्लास्टर और थर्माकोल की मदद से अंतिम रूप दिया जा रहा है। करीब 50 कारीगर पिछले पांच दिनों से इस भव्य आध्यात्मिक ढांचे को तैयार करने में जुटे हैं। BJP कार्यकर्ता बरुण बिस्वास के सुझाव पर पार्टी नेतृत्व ने कालीघाट और तारापीठ के बजाय दक्षिणेश्वर मंदिर के मॉडल को चुना है, ताकि बंगाल की गहरी आध्यात्मिक पहचान को रैली के साथ जोड़ा जा सके. मंच की सजावट में बंगाल की सांस्कृतिक विविधता का भी खास ख्याल रखा गया है। मंच के दोनों ओर हाथ से बने चित्र उत्तर से दक्षिण तक बंगाल के हर जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें दार्जिलिंग के चाय बागान, बांकुरा की टेराकोटा कला, कोलकाता मेट्रो और प्रतिष्ठित हुगली ब्रिज को दर्शाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को भाजपा की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में रैली को संबोधित करने के साथ ही लगभग 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। एसआईआर के बाद 28 फरवरी को मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरांत राज्य का उनका यह पहला दौरा होगा। भाजपा द्वारा आयोजित यह रैली विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के राज्यव्यापी परिवर्तन यात्रा अभियान के समापन का प्रतीक होगी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मिली जबरदस्त बढ़त और 2021 के विधानसभा चुनाव में जीत से दूर रहने के बाद, भाजपा की परिवर्तन यात्रा को हाल के वर्षों में उसका सबसे व्यापक राज्यव्यापी अभियान माना जा रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन के एक दिन बाद, एक मार्च को शुरू हुई इस यात्रा ने राज्य भर में लगभग पांच हजार किलोमीटर की दूरी तय की है और यह 237 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, ''परिवर्तन यात्रा 237 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है और 10 लाख से अधिक लोगों ने इसका स्वागत किया है। कल मोदी ब्रिगेड परेड ग्राउंड में विशाल रैली को संबोधित करेंगे।
एसआईआर कवायद के बाद 28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद से मतदाताओं की संख्या का लगभग 8.3 प्रतिशत यानी 63.66 लाख नाम हटा दिए गए हैं, जिससे राज्य में मतदाताओं की संख्या लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी अधिक रह गई है।इसके अतिरिक्त, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ''न्यायिक जांच के अधीन'' श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से उनकी पात्रता निर्धारित की जाएगी।
मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ऐसी खबरें हैं कि निर्वाचन आयोग अगले सप्ताह चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकता है। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी क्षेत्रों से संबंधित विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ ही आधारशिला भी रखेंगे। सड़क संपर्क को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम के तहत, मोदी लगभग 16,990 करोड़ रुपये की लागत से कुल 420 किलोमीटर से अधिक लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और आधारशिला भी रखेंगे.
इन परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 के खंड और पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के खंड शामिल हैं, जिनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, यात्रा का समय कम करना और क्षेत्रीय संपर्क में सुधार करना है. वह एनएच-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे खंड के पांच पैकेज सहित कई नयी राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य में पुनर्विकसित किए गए छह रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं और बुनियादी ढांचा तैयार करना है। इस कोशिश को आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी की बंगाली संस्कृति और पहचान के साथ अपने जुड़ाव को दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यह ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के बार-बार लगाए गए आरोपों के बीच हुआ है कि बीजेपी बंगाल और बंगाली विरोधी है। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल यूनिट द्वारा आयोजित इस रैली का नाम परिवर्तन संकल्प सभा (बदलाव संकल्प रैली) रखा गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह राज्य की सबसे बड़ी रैली होगी, जिसमें पश्चिम बंगाल के अलग-अलग एडमिनिस्ट्रेटिव डिवीजन के हिसाब से बैठने का इंतजाम किया जाएगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस रैली को पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान 7 मार्च, 2021 को हुई बड़ी ब्रिगेड रैली में आए लोगों की संख्या से ज़्यादा भीड़ जुटाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी भीड़ को संबोधित किया था। चुनाव पास आने के साथ, बीजेपी पूरे राज्य में अपनी सांगठनिक ताकत और लोगों को इकट्ठा करने की क्षमता दिखाने का लक्ष्य बना रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा पश्चिम बंगाल के विकास को प्राथमिकता दी है। मंगल पांडेय ने आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार केवल जनता को ठगने और विकास कार्यों को बाधित करने का कार्य कर रही है। इसके बावजूद केंद्र सरकार लगातार बंगाल के लिए बड़ी-बड़ी परियोजनाएं लेकर आ रही है, ताकि राज्य की जनता को बेहतर सड़क, रेल और बंदरगाह जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि बेल्दा और दांतन के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया जाना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिससे क्षेत्र में रेल यातायात और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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