देश में सीमा की सुरक्षा और घुसपैठियों पर नकेल लगाने के लिए 'पावर डेमोग्राफिक कमिशन' बनाने की तैयारी
फ़रवरी 27, 2026
0
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन दिवसीय बिहार यात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को पूर्णिया में शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक कर रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमांचल क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा स्थिति समेत कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों की गहन समीक्षा की। गृह मंत्री के साथ बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार मौजूद थे। इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। बिहार सरकार में गृह विभाग का प्रभार संभाल रहे चौधरी ने बैठक को महत्वपूर्ण बताया।
उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारी रहें मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय विशेष रूप से उपस्थित थे। इसके अलावा गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक, IB, CID, SSB, CRPF, ITBP और एयरफोर्स के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी बैठक में भाग लिया। हाईलेवल मीटिंग में टॉप लेवल के 30 अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नेपाल के रास्ते घुसपैठ रोकने पर विशेष फोकस होना है। दरअसल नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के रास्ते अवैध घुसपैठ, तस्करी (मवेशी, शराब, मादक पदार्थ) फर्जी दस्तावेज नेटवर्क जैसे मुद्दे लगातार चुनौती बने रहते हैं।
कई लोग अवैध घुसपैठ कर यहां गलत तरीके से फर्जी दस्तावेज बनाकर रह रहे हैं। जिससे इस इलाके की डेमोग्राफी काफी बदल गई है। जिससे देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार दौरे के दौरान जनसंख्या बदलाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है।अमित शाह ने घोषणा की कि सरकार 'पावर डेमोग्राफिक कमिशन' बनाएगी। यह कमिशन देश में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव का अध्ययन करेगा. साथ ही इसके समाधान के लिए सुझाव भी देगा।उन्होंने कहा कि जनसंख्या बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए सरकार ने उच्च स्तरीय समिति बनाने का फैसला किया है। यह समिति खास तौर पर उन इलाकों पर ध्यान देगी जहां जनसंख्या संरचना में तेजी से बदलाव हो रहा है। इनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार जैसे राज्य शामिल हैं।अमित शाह ने सीमांचल क्षेत्र में जाकर इस मिशन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार हर हाल में संतुलन और स्थिरता बनाए रखना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब सरकार इस दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।कमिशन के गठन के बाद विस्तृत अध्ययन शुरू होगा। शाह के दौरे से पहले पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने संवाददाताओं से कहा था, “माननीय गृह मंत्री के साथ बैठक निर्धारित है, जिसमें वह सीमा प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा तस्करी और मादक पदार्थों जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के उपायों को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे।”उन्होंने 25 फरवरी को अपने दौरे की शुरुआत की थी, जब उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत वैधानिक निकाय ‘लैंड पोर्ट्स प्राधिकरण’ की बैठक की अध्यक्षता की। यह निकाय देश में सीमा अवसंरचना के निर्माण, उन्नयन, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। गृह मंत्री ने बृहस्पतिवार को अररिया का दौरा किया, जहां उन्होंने सशस्त्र सीमा बल की दो सीमा चौकियों को राष्ट्र को समर्पित किया और 175 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “देश से हर एक घुसपैठिए को बाहर निकालना नरेंद्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य अनियंत्रित घुसपैठ के कारण “जनसांख्यिकीय बदलाव” के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। शाह ने यह भी विश्वास जताया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव जीतेगी और राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालेगी। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र को “घुसपैठियों से मुक्त” बनाने का संकल्प दोहराया और नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अतिक्रमणों को शीघ्र हटाने का निर्देश दिया। सीमांचल क्षेत्र नेपाल के साथ सीमा साझा करता है और इसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर का प्रवेश द्वार माना जाता है, जिसे आम बोलचाल में ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है।चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती शाह के दौरे को लेकर होटल एरिया से लेकर शहरी इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हर 100 मीटर पर पुलिस बल और सीनियर ऑफिसर्स की तैनाती की गई है। पार्किंग, भीड़ प्रबंधन और रूट लाइनिंग को लेकर विशेष इंतजाम हैं। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मी भी इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए तैयार हैं। एंबुलेंस, मेडिकल टीम और ट्रॉमा सपोर्ट जैसे इंतजाम पूरी तरह से दुरुस्त हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए बहुस्तरीय सुरक्षा निगरानी है।सीमांचल का इलाका नेपाल और बांग्लादेश सीमा से सटा है और चिकन नेक कॉरिडोर के पास स्थित है। घुसपैठ और सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर ये इलाका संवेदनशील है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री की आज की ये बैठक कई अहम फैसलों का संकेत मानी जा रही है। बैठक के बाद आज शाम वे दिल्ली लौटे। ( पूर्णिया से अशोक झा )
Tags

दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/