जब मैं उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव था, तब मुझे इस ग्राम के महत्व के बारे में जानकारी मिली। बचपन से मैं सुनता आ रहा था कि मऊ में कुल आठ गांव, जिसे मिश्रान क्षेत्र कहते हैं, के लोग बढ़नी के मिश्र हैं। यानि हमारे पूर्वज लगभग 350-400 साल पहले बढ़नी मिश्र गाँव में एक भयंकर संघर्ष के बाद वहां से माइग्रेट कर गए थे।
इसी उत्सुकता से मैं जब इस गांव में आया, तब तत्कालीन जिलाधिकारी के साथ इस गांव का भ्रमण किया। वहां मुझे एक अलग किस्म की ऊर्जा महसूस हुई। अपने आप को ब्रह्मर्षि वशिष्ठ के साथ जोड़ करके उनका कुलज होने का गौरव एक बहुत श्रेष्ठ अनुभूति थी। उस गांव में पहुंचकर मैं पूरी तरह रोमांचित हो उठा था। ( यूपी के पूर्व मुख्य सचिव दयाशंकर मिश्र की।कलम से )
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