- असम के कामरूप में कांग्रेस के खिलाफ खोल दिया मोर्चा
असम के कामरूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ और नक्सलवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में वोट बैंक की राजनीति के कारण असम की जनसांख्यिकी खतरे में पड़ गई और कई जिले मुस्लिम बहुल हो गए।शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जैसे देश को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाई गई, वैसे ही असम की धरती को घुसपैठियों से भी मुक्त किया जाएगा। अमित शाह का यह बयान पूर्वोत्तर की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट ले आया है।
कांग्रेस पर 'घुसपैठ' को बढ़ावा देने का आरोप: अमित शाह ने सीधे तौर पर कांग्रेस को असम की बदलती आबादी का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लापरवाही के कारण धुबरी, बरपेटा, मोरीगांव, नगांव और गोलपारा जैसे जिले घुसपैठियों के दबदबे वाले और मुस्लिम बहुल बन गए हैं। शाह के मुताबिक, जब असम आंदोलन चल रहा था, तब पूरा देश उनके समर्थन में खड़ा था, लेकिन कांग्रेस सरकार अपनी नींद से नहीं जागी। उन्होंने इसे कांग्रेस द्वारा किया गया एक ऐसा 'पाप' बताया, जिसे अब भाजपा साफ करने का काम करेगी।अब उनका नाम न वोटर लिस्ट में रहेगा और न ही उनकी जगह भारत में होगी. शनिवार को असम पुलिस की 10 वीं बटालियन के नए परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में गृहमंत्री ने यह बात कही. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले पांच साल अवैध प्रवासियों के लिए निर्णायक होने वाले हैं.'घुसपैठियों को देश की सीमाओं ने निकाला जाएगा'अमित शाह ने जोर देकर कहा कि अगर भारत नक्सलियों से मुक्त हो सकता है, तो वह घुसपैठियों से भी मुक्त हो सकता है. उन्होंने संकल्प दोहराया कि अगले पांच वर्षों में अवैध प्रवासियों को न केवल मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा, बल्कि उन्हें देश की सीमाओं से भी निकाल दिया जाएगा. 'घुसपैठियों से मुक्त कराई गई जमीन पर बनेगी बटालियन'गृह मंत्री ने कहा कि असम पुलिस की जिस 10वीं बटालियन की आधारशिला रखी गई है, उसका निर्माण उसी भूमि पर किया जाएगा जिसे घुसपैठियों के अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है. उन्होंने कहा कि केवल जमीन खाली कराना काफी नहीं है, इन घुसपैठियों को देश से बाहर भेजना भी जरूरी है.राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार: शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेता ने एक बार घुसपैठियों को निकालने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि अवैध प्रवासी उनका वोट बैंक हैं. राज्य के भविष्य का खाका खींचते हुए शाह ने दावा किया कि अगले पांच वर्षों के भीतर असम न केवल पूर्व का, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत का औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेगा।चुनावी शंखनाद की ओर असम
गृह मंत्री का यह दौरा और बयान राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की पूरी संभावना है. ऐसे में शाह ने घुसपैठ के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला खड़ा किया है। @बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट

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