- ईएलएफ डिब्रूगढ़-मोरन राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोरन और डेमो के बीच 4.2 किलोमीटर हिस्से में हुआ है तैयार
असम में इमरजेंसी एयरस्ट्रिप का निर्माण पूरा हो चुका है। यह एयरस्ट्रिप नेशनल हाईवे 127 के डिब्रूगढ़-मोरान खंड पर स्थित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को इस एयरस्ट्रिप पर उतरेंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। बताया कि प्रधानमंत्री शनिवार को एक दिवसीय यात्रा पर असम आ रहे हैं। प्रधानमंत्री दिल्ली से चाबुआ स्थित वायुसेना बेस पर पहुंचेंगे। यहां से एक अन्य उड़ान से वह डिब्रूगढ़ के मोरना में ईएलएफ पर लैंड करने के बाद एयर शो का उद्घाटन करेंगे। बताया कि एयर शो के दौरान राफेल, सुखोई और अन्य लड़ाकू विमान शामिल होंगे।
ये विमान भी ईएलएफ पर उतर सकते हैं। बताया कि यह ईएलएफ डिब्रूगढ़-मोरन राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोरन और डेमो के बीच 4.2 किलोमीटर हिस्से में बनाया गया है। सरमा ने बताया कि एयर शो के बाद प्रधानमंत्री ईएलएफ से ही गुवाहाटी के लिए उड़ान भरेंगे। वहां ब्रह्मपुत्र पर बने नए पुल के उद्घाटन के अलावा प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी के अस्थाई कैंपस, और एक एआई डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एडवांटेज असम बिजनेस समिट के दौरान की थी। प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लिए सौ इलेक्ट्रिक बसों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। यह पूर्वोत्तर भारत में पहली बार होगा जब किसी पीएम का प्लेन पारंपरिक एयरपोर्ट की बजाय हाईवे पर लैंड करेगा। पीएम की मौजूदगी में राफेल और सुखोई लड़ाकू विमान एक स्पेशल एरियल डेमो करेंगे।
इसमें विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकआॅफ दिखाएंगे। डेमो करीब 30-40 मिनट का होगा। असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी फाइटर एयरक्राफ्ट में मोरन हाईवे पर उतरेंगे। मुख्य सचिव रवि कोटा ने कहा कि 14 फरवरी को प्रधानमंत्री 4.4 केएम के एयरस्ट्रिप के उद्घाटन के लिए मोरन आएंगे।यह कार्यक्रम भारत की आपदा तैयारी, पूर्वोत्तर विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को दर्शाएगा। पीएम की यात्रा सिविल-मिलिट्री दोहरे उपयोग वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और डेमो एयरस्ट्रिप की क्षमता पर फोकस करेगी। राफेल और सुखोई भारतीय वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमान हैं।
भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी: मोरान एयरस्ट्रिप एनएच-127 के 4.4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बनाई गई है। यह भारत की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी है, जो सेना और सिविल विमानों दोनों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ईएलफ का मतलब है कि युद्ध या आपात स्थिति में विमान हाईवे पर उतर या उड़ान भर सकते हैं। इससे सड़क का दोहरा फायदा होता है। रोजमर्रा की ट्रैफिक के साथ-साथ सैन्य जरूरतों के लिए। इन जगहों पर भी बनाए गए हैं ईएलएफ: यह एयरस्ट्रिप पूर्वोत्तर की रणनीतिक महत्व को बढ़ाती है, क्योंकि यह क्षेत्र चीन की सीमा से सटा है। सरकार ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और अन्य जगहों पर भी ईएलएफ बनाए हैं। मोरान ईएलएफ पूर्वोत्तर को मजबूत बनाने का हिस्सा है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर है। सरकार ने ऐसे कई ईएलएफ पूरे देश में विकसित किए हैं, लेकिन मोरान पूर्वोत्तर का पहला है।तीन महीने में प्रधानमंत्री का तीसरा दौरा सरमा ने बताया कि दोपहर बाद प्रधानमंत्री खानापारा मैदान में भाजपा बूथ सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में एक लाख बूथ कार्यकर्ता शामिल होंगे। तीन माह में प्रधानमंत्री का यह असम का तीसरा दौरा है। वहां मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। मार्च में गृह मंत्री शाह आएंगे सरमा ने कहा कि राज्य सरकार चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को जमीन के पट्टे देने की योजना शुरू कर सकती है। इससे पांच से छह हजार श्रमिकों को मालिकाना हक मिलेगा। बताया कि प्रधानमंत्री छह या सात मार्च को फिर असम आ सकते हैं, कोशिश होगी कि उनके हाथों श्रमिकों को पट्टे दिलाए जाएं। ऐसा नहीं हो पाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस कार्यक्रम के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने चाय श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाने के भी संकेत दिए। भाजपा की शिकायतों पर लाखों संदिग्ध मतदाता हटे सरमा ने मतदाता सूची को लेकर भी बात की। कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बाद संदिग्ध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कहा कि एसआईआर होने पर ऐसे और लोगों के नाम हटेंगे। कहा कि बांग्लदेशी घुसपैठियों के खिलाफ जंग जारी रहेगी। उनकी यह टिप्पणी तब आई है, जब मंगलवार को चुनाव आयोग ने असम के लिए अंतिम मतदाता सूची जारी की है। इसके ड्राफ्ट रोल से 2.43 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। ( असम।से अशोक झा की रिपोर्ट )
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