- अमित शाह ने मुख्यमंत्री संगमा से की बात, हर संभव मदद का वादा
मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले से गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जहां एक संदिग्ध अवैध रैटहोल कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं कई अन्य मजदूरों के अभी भी खदान के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।पहले इस हादसे में 4 फिर 16 और अब 18 मजदूरों की मौत की खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में हुए कोयला खदान विस्फोट पर गहरा दुख व्यक्त किया, जिसमें कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई. उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।यह विस्फोट जिले के थांगस्कु इलाके में स्थित एक कथित अवैध रैटहोल कोयला खदान में गुरुवार सुबह उस समय हुआ जब मजदूर कोयला निकालने का काम कर रहे थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, खदान के भीतर डायनामाइट ब्लास्ट हुआ, जिससे खदान के संकरे सुरंगनुमा हिस्से ढह गए और अंदर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक 18 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि खदान में मौजूद कुल मजदूरों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली. अमित शाह ने मुख्यमंत्री को हर संभव केंद्रीय सहायता का भरोसा दिलाया है. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार की अतिरिक्त राहत और बचाव टीमें भी मौके पर भेजी जाएंगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मेघालय के पुलिस महानिदेशक आई. नोंग्रांग ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें मौके पर पहुंच गईं और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. उन्होंने कहा कि खदान बेहद संकरी और खतरनाक है, जिससे बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं. इसके बावजूद टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं कि अंदर फंसे मजदूरों को खोजा जा सके और शवों को बाहर निकाला जा सके. डीजीपी ने यह भी कहा कि कुछ मजदूरों के जिंदा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है।
पीएम राहत कोष से मृतकों के लिए 2-2 लाख, घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मदद की घोषणा
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मोदी के हवाले से एक पोस्ट में कहा, "मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं. अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं." मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
ईस्ट जयंतिया हिल्स में कोयला खदान में हुआ बड़ा विस्फोट
आधिकारिक रूप से मिली जानकारी के अनुसार मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को ''अवैध'' कोयला खदान में विस्फोट होने से कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. पुलिस महानिदेशक (DGP) आई नोंगरंग ने यह जानकारी दी. डीजीपी ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई और बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं. उन्होंने कहा, ''हमने अब तक 16 शव बरामद किए हैं, लेकिन विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद लोगों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी नहीं है. कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। गंभीर रूप से घायल लोगों को शिलांग जा रहा रेफर: ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि घटना में घायल एक व्यक्ति को एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे राज्य की राजधानी शिलांग रेफर कर दिया गया. शक है कि यह विस्फोट उस जगह पर कोयला खनन की गतिविधियों के दौरान हुआ, जिसे एक गैर-कानूनी काम माना जा रहा है। धमाका क्यों हुआ, की जा रही जांच
जब पूछा गया कि क्या खदान अवैध रूप से संचालित की जा रही थी, तो कुमार ने कहा, ''हां, ऐसा ही लगता है.'' उन्होंने कहा कि विस्फोट की वजह का पता अभी नहीं चला है, और इसकी जांच की जाएगी. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 2014 में मेघालय में 'रैट-होल' कोयला खनन तथा खनन के दूसरे अवैज्ञानिक तरीकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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