बिहार-बंगाल सीमांचल में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व बिहार अध्यक्ष महबूब आलम नदवी की गिरफ्तारी के बाद किशनगंज में जांच एजेंसियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है। भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिलने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम चौथी बार किशनगंज पहुंची और सदर थाना में दो संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की। एनआईए की इस कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। शुक्रवार को दिल्ली से पहुंची एनआईए की दो सदस्यीय टीम सीधे किशनगंज सदर थाना पहुंची। यहां पहले से नोटिस दिए गए दो लोगों को थाना बुलाया गया, जिनसे पीएफआई से कथित संबंध और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता को लेकर पूछताछ की गई। टीम ने सबसे पहले किशनगंज निवासी महफिल आलम और आफताब से पूछताछ शुरू की। शनिवार को आधा दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ: इसके बाद, शनिवार को पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया और आधा दर्जन से अधिक लोगों से सवाल-जवाब किए गए। रविवार की सुबह से भी विभिन्न व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।
यह मामला 2022 में PFI के फुलवारी शरीफ मॉड्यूल के खुलासे से जुड़ा है। शुरुआत में बिहार पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी, जिसके बाद जांच का जिम्मा NIA को सौंपा गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सहित कुल 19 लोगों को किया अरेस्ट: NIA ने जांच शुरू करने के बाद से अब तक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी सहित कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार, महबूब आलम नदवी दो वर्षों तक किशनगंज में छिपकर रह रहा था।जांच एजेंसी नदवी के इस दौरान किन-किन लोगों से संपर्क थे, वह कहां-कहां गया और उसकी गतिविधियां क्या थीं, इन सभी बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। शनिवार को कटिहार निवासी गुलजार को भी नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था, जिससे लंबी पूछताछ हुई।फिलहाल, NIA के अधिकारी मीडिया को कोई जानकारी देने से बच रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से लगातार पूछताछ चल रही है, उससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।पूछताछ के दौरान थाना के जिस कक्ष में एनआईए की टीम मौजूद थी, वहां किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रही। पुलिस अधिकारियों ने भी मामले में कोई विस्तृत जानकारी देने से परहेज किया। एसपी सागर कुमार ने कहा कि पीएफआई से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में एनआईए की टीम किशनगंज आई है। आपको बता दें 11 सितंबर 2025 को केंद्रीय एजेंसी और किशनगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पीएफआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी (39) को किशनगंज शहर के हलीम चौक से गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी के बाद प्रारंभिक पूछताछ में भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। इसी क्रम में एनआईए की टीम बार-बार किशनगंज पहुंचकर स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने किशनगंज के मोहउद्दीनपुर इलाके में नदवी के एक अन्य ठिकाने पर भी छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसी के हाथ कई संदिग्ध दस्तावेज लगे, जिनकी जांच की जा रही है। बताया जाता है कि नदवी मार्च 2025 से गिरफ्तारी के डर से किशनगंज में रह रहा था और हलीम चौक पर एक किराए के मकान में छिपकर रह रहा था। ( बिहार से अशोक झा की रिपोर्ट )
#PFI #बंगाल #बिहार #किशनगंज
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/