- इंटरनेट सेवाएं बंद, हग्रामा मोहिलारी ने कहा कि इस पूरे मामले में एक "तीसरी ताकत
बंगाल के पड़ोसी राज्य असम के कोकराझार जिले में एक युवक की हत्या के बाद हिंसा की स्थिति बनी हुई है और हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इस घटना के बाद भड़की हिंसा में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है वहीं, मृतकों की पहचान सुनील मुर्मू और सिखना ज्वह्वलाओ बिस्मित के रूप में हुई है।सम के कोकराझार जिले में मंगलवार (20 जनवरी 2026) को बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें भड़क उठीं। इस दौरान हुई भीड़ हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई और जिले में इंटरनेट व मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं।कोकराझाड़ की हालिया घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) हग्रामा मोहिलारी ने कहा कि इस पूरे मामले में एक "तीसरी ताकत" शामिल है, जो राजनीतिक रूप से अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है।बताया जा रहा है कि मवेशी चोरी के संदेह में भीड़ ने पीट-पीटकर शख्स की हत्या की। इसके अलावा हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सड़क निर्माण प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे पीड़ित सोमवार रात औडांग क्षेत्र में एक स्थल के निरीक्षण के बाद एक वाहन में लौट रहे थे। मवेशी चोरी का संदेह: गौरी नगर-मशिंग रोड के मोड़ पर पहुंचते ही स्थानीय ग्रामीणों के एक ग्रुप ने कथित तौर पर मवेशी चोरी होने के संदेह में वाहन को रोकने का प्रयास किया, जिसके कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पुलिस ने बताया कि भीड़ ने वाहन सवार लोगों पर हमला किया और उसमें आग लगा दी, जिससे वाहन में सवार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सरकारी आदेश के अनुसार, 19 जनवरी की रात कोकराझाड़ थाना अंतर्गत कारिगांव आउटपोस्ट के पास मंसिंह रोड पर एक स्कॉर्पियो वाहन द्वारा दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर मारे जाने की घटना हुई। वाहन में सवार तीन बोडो युवकों को आसपास के आदिवासी ग्रामीणों ने कथित तौर पर पीट दिया, जबकि स्कॉर्पियो वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया। इसके चलते कारिगांव आउटपोस्ट के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, कुछ घरों और एक कार्यालय भवन में आगजनी की तथा कारिगांव आउटपोस्ट पर भी हमला किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात किया गया है ताकि हालात को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन को जिले में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका बनी हुई है।
सरकार ने यह भी आशंका जताई है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग भड़काऊ संदेश और अफवाहें फैलाने के लिए किया जा सकता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोबाइल-इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई है। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान वॉयस कॉल सेवाएं और फिक्स्ड टेलीफोन लाइनों पर आधारित ब्रॉडबैंड सेवाएं चालू रहेंगी। आदेश का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह अधिसूचना असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी द्वारा राज्यपाल के आदेश से जारी की गई है। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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