उत्तर बंगाल के बांग्लादेश सीमांत दिनहाटा से हाल ही में एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहां के एक गांव में कथित तौर पर इंसानी मांस खाने के लिए एक शख्स ने दूसरे की जान ले ली। आरोपी हत्या के बाद शव को धोकर उसके अंगों को खाने की योजना बना रहा था। यह घटना उत्तर प्रदेश के कुख्यात निठारी हत्याकांड की खौफनाक यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले से वैसी ही हैवानियत की खबर सामने आई है। दिनहाटा ब्लॉक-2 के थोराख़ाना गांव में एक बेसहारा बुजुर्ग की हत्या के पीछे जो वजह सामने आई है, उसने न सिर्फ पुलिस को बल्कि आम जनता को भी झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला केवल हत्या का नहीं बल्कि इंसानी मांस खाने की सनक से जुड़ा है। मेले की भीड़ और श्मशान का सन्नाटा: ऐसे रची गई साजिश
यह वारदात शुकरुकुटी ग्राम पंचायत के थोराख़ाना गांव की है। यहाँ एक बेसहारा बुजुर्ग पिछले करीब एक साल से श्मशान घाट के पास अपनी जिंदगी गुजर-बसर कर रहा था। शनिवार को गांव के पास मेला लगा हुआ था, जिसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। जब अधिकतर ग्रामीण मेले की व्यस्तता में थे, तब आरोपी ने उस निस्सहाय बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया।
ट्यूबवेल पर धोया खून और अंगों को खाने की तैयारी
पुलिस ने आरोपी की पहचान फिरदौस आलम के रूप में की है। बताया जा रहा है कि फिरदौस नशे का आदी है और उसने नशे की ही हालत में बुजुर्ग पर धारदार हथियार से हमला किया। आरोपी ने बुजुर्ग की गर्दन और गले पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद जो हुआ वह बेहद खौफनाक था। हैवानियत की हदें पार करते हुए आरोपी शव को उठाकर पास के एक ट्यूबवेल पर ले गया। वहाँ उसने शव से खून के निशान धोए और फिर उसे तालाब के किनारे छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का इरादा रात के सन्नाटे में शव के एक-एक अंग को धोकर खाने का था।
चश्मदीद के सुराग से सलाखों के पीछे पहुंचा ‘नरभक्षी’
दोपहर को जब ग्रामीणों ने तालाब के पास एक संदिग्ध शव देखा, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही दिनहाटा के एसडीपीओ धीमान मित्रा और साहेबगंज थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गर्दन पर गहरे कट के निशान मिलने से हत्या की पुष्टि हुई। चूंकि इलाका ग्रामीण था और वहाँ सीसीटीवी (CCTV) की सुविधा नहीं थी, इसलिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपने मुखबिर का सहारा लिया। जांच के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी फिरदौस आलम को तालाब के पास शव धोते हुए देखा था। इसी अहम सुराग के आधार पर पुलिस ने फिरदौस को हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी पहले भी कई बार नशामुक्ति केंद्रों में रह चुका था, हालांकि उसका कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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