किसी भी बदलाव के लिए हमेशा विशाल संगठन या भव्य अभियानों की जरूरत नहीं होती है। इस बात को पश्चिम बंगाल में कूचबिहार जिले के विनय दास ने साबित कर दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में रविवार को कूचबिहार के इस कर्मठ पर्यावरण योद्धा का नाम पूरे देश ने सुना। पिछले 15 वर्षों से लगातार 13 हजार से अधिक पौधरोपण और कई 'खंड वन' विकसित कर विनय दास आज देशभर में प्रशंसा का विषय बन चुके है। कूचबिहार शहर के हाजरा पाड़ा क्षेत्र निवासी विनय दास पेशे से राजबाड़ी में अधिकारी है। नौकरी की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने प्रकृति संरक्षण के अपने संकल्प से कभी समझौता नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में विनय दास के इस सतत प्रयास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कैसे छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते है। जिसका विनय दास इसका जीवंत उदाहरण है। प्रधानमंत्री के मुख से अपना नाम सुनकर विनय दास स्वाभाविक रूप से भावुक हो उठे। पूरे कूचबिहार में खुशी की लहर दौड़ गई है। विनय दास ने कहा कि यह मेरे लिए बेहद गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने मेरे जैसे एक साधारण व्यक्ति के काम को देश के सामने रखा, यह मेरे लिए अविश्वसनीय है। लोगों के सहयोग से ही मैं यह काम कर पाया हूं। हालांकि, इस सम्मान पर रुकने का उनका इरादा नहीं है। भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य कूचबिहार की 32 नदियों के किनारों पर खंड वन विकसित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
पीएम मोदी ने मन की बात में कूच बिहार के जिस विनय दास का जिक्र किया, पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका देखकर दिल हो जाएगा बाग-बाग
जनवरी 25, 2026
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