- ओडिशा के चांदीपुर में अपनी इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रेंज के साथ-साथ पूर्वी मेदिनीपुर तट पर एक और टेस्टिंग रेंज बनाने का प्रस्ताव
- बदली सरकार तो बदलने लगा बंगाल, दिखेगा सामरिक शक्ति का धमाल
अशोक झा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के जुनपुट गांव में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक नए मिसाइल और रडार परीक्षण केंद्र को मंजूरी मिल गई है। इस कदम से देश के डिफेंस सेक्टर को काफी मजबूती मिलेगी।
बता दें कि अप्रैल 2024 में, DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर में अपनी इंटीग्रेटेड टेस्टिंग रेंज के साथ-साथ पूर्वी मेदिनीपुर तट पर एक और टेस्टिंग रेंज बनाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, उस समय की TMC सरकार ने इसके लिए जमीन नहीं दी थी।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान
वहीं, अब बीते शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान, शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि DRDO ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक पत्र भेजा था, लेकिन उस समय सत्ता में रही TMC सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मैंने इसे मंजूरी दे दी है। यह पश्चिम बंगाल के विकास के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट होगा। DRDO के एक सूत्र ने भी पुष्टि की कि बंगाल में मिसाइल टेस्टिंग प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है।डीआरडीओ का तीसरा बड़ा मिसाइल टेस्टिंग सेंटर होगा
पश्चिम बंगाल के जुनपुट में प्रस्तावित टेस्टिंग रेंज, चांदीपुर साइट्स और आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित टेस्टिंग सेंटर के बाद DRDO का तीसरा बड़ा केंद्र होगा। भारत में मिसाइल टेस्टिंग की एक सुविधा है, जिसे 'इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज' के नाम से जाना जाता है। यह ओडिशा में दो लॉन्च कॉम्प्लेक्स से काम करती है। चांदीपुर-ऑन-सी में लॉन्च कॉम्प्लेक्स-III और ओडिशा तट के पास लॉन्च कॉम्प्लेक्स-IV है। जहां लॉन्च कॉम्प्लेक्स-III का इस्तेमाल मुख्य रूप से कम दूरी की टैक्टिकल मिसाइलों, सतह से हवा में मार करने वाले सिस्टम और आकाश व पिनाका जैसे मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर के परीक्षण के लिए किया जाता है, वहीं, लॉन्च कॉम्प्लेक्स-IV लंबी दूरी के रणनीतिक हथियारों के परीक्षण के लिए तय किया गया है, जिसमें अग्नि बैलिस्टिक मिसाइल सीरीज और K-सीरीज की सबमरीन से लॉन्च होने वाली मिसाइलें शामिल हैं।
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