- पकड़े गए आतंकी के पास मिले कुछ ऐसे सबूत सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
- विरोधी दल नेता के रूप में भी ईमेल से मिल चुकी थी जान से मारने की धमकी
-पकड़े गए आतंकी का बर्दमान से कश्मीर तक है संपर्क
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल के पूर्व बर्दवान से राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े संदिग्ध सदस्य हामिद मंडल को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से कथित तौर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था, काफिले के रूट, वाहनों, चालक और पार्किंग से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अनुसार, हामिद मंडल को पूर्व बर्दवान के एक आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि मामला किसी वीआईपी को संभावित निशाना बनाने की साजिश से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, जांच अभी जारी है और आधिकारिक रूप से इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।कश्मीर से बर्दवान तक का नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से कश्मीर का निवासी बताया जा रहा है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या वह अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी नाम या फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर रहा था।
दो महीने से बर्दवान में छिपा था:
जांच में सामने आया है कि हामिद पिछले करीब दो महीनों से बर्दवान में छिपकर रह रहा था और एक बनियान (गंजी) फैक्ट्री में काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि वह इसी नौकरी की आड़ में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था।
आतंकी संगठन और ISI से संबंध की जांच: सूत्रों के अनुसार, आरोपी का संबंध जैश-ए-मोहम्मद के सज्जाद भट मॉड्यूल से होने की आशंका है। साथ ही, उसके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के लिए काम करने की भी जांच की जा रही है. यह भी दावा किया जा रहा है कि उसने पाकिस्तान में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया था. इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल STF और बर्दवान पुलिस आरोपी से संयुक्त पूछताछ कर रही है. सुरक्षा कारणों से जांच एजेंसियों ने मामले की कई जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं. जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी के संपर्क किन लोगों से थे और उसकी संभावित साजिश कितनी व्यापक थी। बताते चले कि पिछले साल भी बंगाल के विरोधी दल नेता के रूप में शुभेंदु अधिकारी को अलकायदा और बांग्लादेशी कट्टरपंथी संगठनों से बम से उड़ाने और आत्मघाती हमले की गंभीर धमकियां मिली थी। इन खुफिया इनपुट्स और ईमेल के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियां और एसटीएफ पूरी तरह सतर्क हो गई हैं तथा संदिग्धों की धरपकड़ जारी है। अलकायदा और जिहादी धमकी: आतंकी संगठन अलकायदा के नाम से आए ईमेल में शुभेंदु अधिकारी पर आत्मघाती हमले की बात कही गई थी। बांग्लादेशी कनेक्शन: बांग्लादेश के कट्टरपंथियों और प्रतिबंधित संगठनों द्वारा उन्हें लगातार निशाना बनाए जाने और नुकसान पहुँचाने के इनपुट्स मिले हैं। आईईडी की आशंका: खुफिया एजेंसियों ने अंदेशा जताया है कि उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए विस्फोटक या आईईडी का इस्तेमाल किया जा सकता है। एसटीएफ की रेड: बंगाल एसटीएफ ने बर्द्धमान और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर संदिग्धों को दबोचा था। साइबर जांच: ईमेल भेजने वाले अज्ञात स्रोतों और लोकल मददगारों का पता लगाने के लिए कोलकाता पुलिस की साइबर सेल और एसटीएफ संयुक्त रूप से जांच कर रही है। सुरक्षा में बढ़ोतरी: इन लगातार खतरों को देखते हुए शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
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