कहा,परिवार को हर हाल में मिलेगा इंसाफ, मुख्यमंत्री पूरे गुस्से में
- परिवार जिस प्रकार की सजा और जांच की मांग करेंगी सरकार पूरी तरह तैयार
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में इस सप्ताह की शुरुआत में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को कुछ अहम डिजिटल सबूत मिले हैं।
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बारुईपुर रेप-मर्डर मामले में कड़ी सज़ा का आश्वासन दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मंगलवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को विश्वास दिलाया कि आरोपी को ऐसी सज़ा दी जाएगी जो दूसरों के लिए एक उदाहरण बनेगी, और न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
पीड़ित परिवार को न्याय का आश्वासन:पॉल ने कहा कि पीड़ित परिवार को यह भरोसा दिया गया है कि उन्हें शीघ्र न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार ने राज्य सरकार की प्रतिक्रिया पर संतोष व्यक्त किया है। मुलाकात के बाद, पॉल ने कहा कि आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और यदि जांच में पुलिस या प्रशासन की लापरवाही पाई जाती है, तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा।
बीजेपी प्रतिनिधिमंडल का दौरा और NCW की कार्रवाई
अग्निमित्रा पॉल और लॉकेट चटर्जी के नेतृत्व में बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल इस मामले में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पीड़ित परिवार से मिलने गया। इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक से जांच की प्रगति और अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। NCW ने पुलिस से उस कथित लिंचिंग के बारे में भी जानकारी मांगी है, जो इस घटना के बाद हुई थी, जिसमें एक संदिग्ध की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। रविवार को बारुईपुर के धापधापी इलाके में तनाव फैल गया, जब एक तालाब से नाबालिग लड़की का शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों ने पीड़िता के साथ बलात्कार और हत्या का आरोप लगाते हुए सड़क और रेल मार्ग जाम कर दिए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।कैसे हुई घटना और पुलिस पर क्या हैं आरोप?
परिजनों ने शनिवार रात करीब 9 बजे बारुईपुर थाने में बच्ची की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अपहरण के बाद बच्ची के साथ दरिंदगी की गई और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। रविवार सुबह गांव के ही एक तालाब में उसका शव बरामद हुआ। पीड़ित बच्ची की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है, "अगर पुलिस ने रात 9 बजे शिकायत मिलने के तुरंत बाद तलाश शुरू की होती और सीसीटीवी फुटेज खंगाले होते, तो मेरी बच्ची आज जिंदा होती।"
मीडिया से बात करते हुए नाबालिग लड़की के दादा ने कहा, "कोई सोच भी नहीं सकता था कि इतनी कम उम्र की लड़की को इस तरह प्रताड़ित किया जाएगा... वह इलाके में अपने हंसमुख स्वभाव और बातूनी अंदाज के लिए जानी जाती थी।" बच्ची के दादा ने बताया कि सभी ने बच्ची को एक ऑटो-रिक्शा वैन चालक के साथ जाते देखा था। पड़ोसियों ने सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और घटनास्थल पर फोर्स भेजने के बजाय सिर्फ पास के कैंप में मैसेज भेज दिया।गुस्साई भीड़ ने की एक युवक की हत्या
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने एक संदिग्ध को पकड़ा था। एक स्थानीय नागरिक के अनुसार, पकड़े गए संदिग्ध से कुछ युवकों को पता चला कि इंद्रजीत मोंडल नाम के एक ऑटो ड्राइवर ने बच्ची को ले जाने में अपहरणकर्ता की मदद की थी।
रविवार सुबह करीब 10 बजे 200 से 300 लोगों की उग्र भीड़ इंद्रजीत के घर पहुंच गई। भीड़ ने उसे घर से बाहर निकाला और आरोपियों के साथ देखे जाने के शक में बिना उसकी बात सुने उसे पीट-पीटकर मार डाला।
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