- ममता बनर्जी को छोड़ ऋतब्रत बनर्जी के साथ 64 विधायक
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष पर अब भारतीय निर्वाचन आयोग (भारतीय निर्वाचन आयोग) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी दोनों गुटों को नोटिस जारी कर 6 जुलाई (सोमवार) शाम 5:30 बजे तक अपना-अपना पक्ष रखने को कहा है।गौरतलब है कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के बाद पार्टी में बड़ा विभाजन सामने आया। इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह कर दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 64 विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वे पार्टी पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं। यह संख्या दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। ऋतब्रत बनर्जी ने गुरुवार को नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात भी की और अपने गुट का दावा पेश किया। उन्होंने कहा कि उनके गुट ने आयोग को सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए हैं। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें आयोग से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है। ऋतब्रत ने दावा किया कि उनका गुट ही वास्तविक TMC है और उन्हें दो-तिहाई से अधिक विधायकों के साथ-साथ पार्षदों और स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने ममता बनर्जी पर "वंशवादी राजनीति" और संगठन पर एकाधिकार का आरोप लगाया।ऋतब्रत ने दावा किया कि उनका गुट ही वास्तविक TMC है और उन्हें दो-तिहाई से अधिक विधायकों के साथ-साथ पार्षदों और स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने ममता बनर्जी पर "वंशवादी राजनीति" और संगठन पर एकाधिकार का आरोप लगाया।वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने ऋतब्रत पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी निर्वाचन आयोग से मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुई है। ममता गुट ने आयोग पर भी सत्ताधारी पार्टी के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया है।
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