कहा, बंगाल के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को पैदा हुआ है खतरा
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार 'भूमि जिहाद', 'लव जिहाद' और धर्मांतरण के खिलाफ एक कड़ा कानून लाएगी. साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के उपायों के तहत राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी लागू करेगी।'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर रवींद्र सदन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ होने के कारण जनसांख्यिकीय बदलाव हुए हैं, जिससे पश्चिम बंगाल के सामाजिक ताने-बाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''हमें कुछ समय दीजिए. पश्चिम बंगाल में भूमि जिहाद, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून तथा समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सीमा पर अवसंरचना के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराकर सीमा सुरक्षा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में 'घुसपैठियों' की पहचान करने और उन्हें उनके मूल स्थान पर वापस भेजने के लिए 'होल्डिंग सेंटर' बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा, ''जो लोग गैर-कानूनी तरीके से देश में घुसते हैं और ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हैं, जिनसे भारत की संस्कृति और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने गैर-कानूनी प्रवासियों और नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) के दायरे में आने वाले शरणार्थियों के बीच अंतर बताते हुए कहा कि धार्मिक उत्पीड़न का सामना करने के बाद भारत आए हिंदू 'घुसपैठिए नहीं' हैं और उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जाएगी।सीएम ने कहा कि उनकी सरकार किसी भी ताकत को पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान या राष्ट्रीय चरित्र को कमजोर नहीं करने देगी।उन्होंने राज्य को भारत की 'सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी' बताया।बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए, शुभेंदु अधिकारी ने 'वंदे मातरम्' के रचयिता को एक दूरदर्शी साहित्यकार, पत्रकार और प्रशासक बताया, जिनकी रचनाएं पीढ़ियों को प्रेरित करती रही हैं।
राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम्' को देश के लिए 'संजीवनी मंत्र' बताते हुए उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार बंकिम चंद्र की जयंती मनाने के लिए नैहाटी स्थित उनके पैतृक घर और कोलकाता में उनके आवास पर आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किए।वंदे मातरम्' संग्रहालय की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि राज्य में 'वंदे मातरम् संग्रहालय' स्थापित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पहले ही धन का प्रावधान कर दिया गया है. यह बजट 22 जून को राज्य के वित्त मंत्री द्वारा विधानसभा में पेश किया गया था.
अधिकारी के मुताबिक, यह संग्रहालय केवल एक इमारत नहीं होगा बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा, ताकि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन, उनके विचारों और साहित्यिक योगदान को बेहतर तरीके से लोगों तक पहुँचाया जा सके. उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ियों को उनके कार्यों से जोड़ने के लिए इस तरह की पहल बेहद जरूरी है।इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पिछली सरकार पर भी निशाना साधा. उनका आरोप था कि पहले राज्य में ऐसे आयोजनों को वह महत्व नहीं दिया जाता था, जो अब मिल रहा है. उन्होंने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' से जोड़ते हुए कहा कि वर्तमान में ऐसे राष्ट्रवादी कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है.
सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि बंकिम चंद्र के पैतृक घर जैसे पवित्र स्थान पर किसी तरह की नकारात्मक या विवादित चर्चा नहीं होनी चाहिए. उनके मुताबिक, यह स्थान श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है, न कि राजनीतिक बहसों का मंच.
पिछले साल की घटना का जिक्र
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पिछले वर्ष की एक घटना को भी याद किया. उन्होंने दावा किया कि जब वे विपक्ष के नेता के रूप में यहां श्रद्धांजलि देने आए थे, तब उनके कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की गई थी. उनका आरोप था कि उस समय जानबूझकर रास्ते में अवरोध पैदा किए गए थे.
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने जनता के फैसले को साफ कर दिया है और लोगों ने अपने तरीके से जवाब दिया है।
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