- बम निरोधक दस्ता और अर्धसैनिक बलों ने संभाला मोर्चा
पश्चिम बंगाल में नयी सरकार के शपथ ग्रहण से पहले अशांति फैलाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग ब्लॉक अंतर्गत 13 नंबर विष्णुपुर क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय पार्टी कार्यालय से भारी मात्रा में ताजा बम बरामद किये गये। आतंक के दम पर बदले की तैयारी में TMC : भाजपा
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। भाजपा ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि टीएमसी हार के बाद अब आतंक के दम पर बदला लेने की तैयारी कर रही थी।
भाजपा की गुप्त सूचना और पुलिस का एक्शन:
विष्णुपुर में यह कार्रवाई बेहद नाटकीय ढंग से हुई। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को पक्की खबर मिली थी कि टीएमसी दफ्तर के अंदर विस्फोटक रखे हैं. जैसे ही भाजपा ने यह जानकारी सार्वजनिक की, ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गयी. माहौल बिगड़ता देख सबंग थाना पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पूरे इलाके को सील कर दिया गया ताकि कोई भाग न सके. पार्टी कार्यालय के भीतर सघन तलाशी के दौरान पुलिस को डिब्बे में रखे कई ताजा और शक्तिशाली बम मिले। बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा: पुलिस ने फौरन बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) को बुलाया. विस्फोटक इतने खतरनाक थे कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए विशेष सावधानी बरती गयी. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चुनाव खत्म होने के बाद भी इन बमों को दफ्तर में रखने का मकसद क्या था और इन्हें बनाने के लिए बारूद कहां से लाया गया था।
आतंक के आरोपों पर भिड़ीं दोनों पार्टियां :
इस घटना ने जिले में एक नयी राजनीतिक जंग छेड़ दी है। भाजपा नेतृत्व ने कहा कि यह 'आतंकवादी' सोच है।चुनाव के दौरान मतदाताओं को डराने और चुनाव के बाद अशांति फैलाने के लिए टीएमसी ने अपने दफ्तरों को 'बम फैक्ट्री' बना दिया. TMC ने पलटवार करते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया. कहा कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है और बम उनके दफ्तर में बाहर से रखे गये होंगे।केंद्रीय बलों की गश्ती बढ़ायी गयी: विष्णुपुर क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों की गश्त बढ़ा दी गयी है. सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी और अन्य सुरागों के जरिये यह पता लगाने में जुटी हैं कि बम लाने वाले असली चेहरे कौन हैं. बंगाल में सत्ता परिवर्तन के इस दौर में सबंग की यह घटना कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
#Bengal
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/