प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के निदेशक और सह-संस्थापक विनेश चंदेल को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि चंदेल को दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत पहले हिरासत में लिया गया था। पश्चिम बंगाल में इन दिनों विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है। राज्य की 294 सीटों के लिए दो चरणों 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। दिल्ली में चंदेल के परिसर के अलावा, बेंगलुरु में I-PAC के एक अन्य सह-संस्थापक और निदेशक ऋषि राज सिंह के परिसर और मुंबई में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर के परिसर पर दो अप्रैल को ईडी ने छापा मारा था।
प्रतीक जैन के आवास पर मारा था छापा
ईडी ने इस साल की शुरुआत में आठ जनवरी को इस मामले में कार्रवाई करते हुए I-PAC के कार्यालय और इसके संस्थापक व निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की थी। प्रतीक जैन ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के 'वार रुम' में अहम भूमिका निभाने के बाद 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के लिए काम किया था। प्रतीक जैन टीएमसी के प्रमुख रणनीतिकार हैं, जिन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का आईटी प्रभारी बताया था।
इस मामले में विवाद तब शुरू हो गया था जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गई थीं। ईडी का यह मामला सीबीआई की नवंबर 2020 की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल और उसके आसपास के कुनुस्तोरिया और काजोरा क्षेत्रों में स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खदानों से संबंधित कई करोड़ रुपये के कोयला चोरी घोटाले का आरोप लगाया गया है।ईडी ने एक बयान में कहा था कि इस कथित कोयला तस्करी गिरोह से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने I-PAC की पंजीकृत कंपनी इंडियन पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को करोड़ों रुपये के लेनदेन में सुविधा प्रदान की थी। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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