पूर्वी अफ्रीका का यह देश, लंबे समय से अस्थिरता, सूखा और गृहयुद्ध की चपेट में रहा है। 2011 में यहां के कट्टर संगठन ने उन इलाकों में जहां उनका नियंत्रण था, समोसे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। संगठन के सदस्य लाउडस्पीकर लगे ट्रकों पर घूम-घूमकर ऐलान करते थे कि समोसा अब बैन है। बनाने, बेचने, खरीदने या खाने वाले को सजा का प्रावधान रखा गया। लोग हैरान रह गए-एक साधारण स्नैक पर इतना सख्त फैसला क्यों?
*सोमालिया में समोसा बैन क्यों है?*
कट्टर संगठन का तर्क बेहद अजीब था। सोशल मीडिया पर वायरल रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने समोसे के त्रिकोणीय आकार को एक खास धर्म के पवित्र चिन्ह ट्रिनिटी से जोड़ दिया। उनका मानना था कि यह आकार उनके धर्म के खिलाफ है और लोगों के मन में दूसरे धर्म का प्रतीक जगाता है। इसलिए इसे ‘पश्चिमी प्रभाव’ मानकर प्रतिबंधित कर दिया गया। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जाता है कि 2011 के भयंकर अकाल के दौरान कुछ व्यापारियों ने मरे हुए जानवरों का सड़ा-गला मीट समोसे में इस्तेमाल किया, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा। इसीलिए उस संगठन ने इसे भी अपने धर्म के खिलाफ बताते हुए बैन को जस्टिफाई किया। ( अजित मिश्र की रिपोर्ट )
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