पश्चिम बंगाल में चुनावी जंग के माहौल में यूपी के आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच जुबानी जंग थमती नहीं दिख रही है। चुनावी जंग के माहौल में उत्तर प्रदेश के आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। इस मामले में पहले शर्मा ने जहांगीर खान को चेतावनी दी।
यह विवाद फल्ता इलाके में हुआ, जहां TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के घर और चुनाव कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर टीएमसी समर्थक नारे लगाने लगे। पार्टी के बड़े नेता और राज्य मंत्री इस उत्तर प्रदेश काडर के IPS अधिकारी पर आरोप लगा रहे हैं कि वे अपनी सीमा से बाहर जा रहे हैं। कोर्ट में दायर याचिका को लेकर जस्टिस कृष्णा राव की अदालत में एक मौखिक याचिका के दौरान दी गई। एक वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि वह IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा पर रोक लगाए, जिन्हें भारत निर्वाचन आयोग ने दक्षिण 24 परगना में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। वकील ने आरोप लगाया कि अधिकारी आदर्श आचार संहिता (MCC) का उल्लंघन कर रहे हैं और बेंच से तात्कालिक दखल की मांग की। हालांकि, जस्टिस राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल से पहले चुनाव से संबंधित ड्यूटी कर रहे अधिकारियों पर प्रभाव डालने वाला कोई आदेश नहीं देंगे। वकील ने अदालत को बताया कि औपचारिक याचिका की प्रक्रिया अभी भी चल रही है।
क्या है पूरा मामला?
चुनाव आयोग को शिकायत मिली थी कि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के लोग वोटर आईडी कार्ड इकट्ठा कर रहे हैं और मतदाताओं को धमका रहे हैं। इन शिकायतों के बाद अजय पाल शर्मा फल्ता इलाके में पहुंचे। शर्मा, जिन्हें उत्तर प्रदेश में सख्त पुलिसिंग के लिए 'सिंहम' का नाम मिला है, ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करेगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अजय पाल शर्मा जहांगीर खान के परिवार को चेतावनी देते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'उसे बता दो, अगर उसके लोग धमकाते रहेंगे तो हम ठीक से निपटेंगे... बाद में रोना-धोना मत।'
TMC का पलटवार: जहांगीर खान ने फिल्मी स्टाइल में जवाब देते हुए कहा, 'यह बंगाल है। अगर वो 'सिंहम' हैं, तो मैं 'पुष्पा' हूं। BJP द्वारा लगाए गए पुलिस अधिकारियों की कोई भी धमकी यहां काम नहीं करेगी। खान ने आगे कहा, 'कल दोपहर 3 बजे वह मेरे पार्टी ऑफिस आए और मेरे सिक्योरिटी स्टाफ को धमकाने की कोशिश की। फिर वह मेरे घर गए और परिवार को धमकाया। क्या यही पुलिस ऑब्जर्वर का काम है? अगर उन्हें कुछ कहना है तो SP या IC को बताएं। चुनाव आयोग के नियमों में कहीं नहीं लिखा है कि ऑब्जर्वर घर जाकर लोगों और उम्मीदवारों को धमका सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब BJP की मदद करने के लिए किया जा रहा है। TMC कार्यकर्ताओं और नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है लेकिन वे डरने वाले नहीं हैं।
TMC नेताओं की प्रतिक्रिया: TMC की राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सवाल किया कि क्या ऑब्जर्वर को बिना सबूत के देर रात लोगों के घर जाकर चेतावनी देने का अधिकार है। दूसरे मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा कि ऑब्जर्वर को निष्पक्ष रहना चाहिए। अगर वे संवैधानिक सीमा से बाहर जा रहे हैं तो TMC कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेगी।
कौन हैं अजय पाल शर्मा?:अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी हैं, जिन्हें 500 से ज्यादा एनकाउंटर का अनुभव है। हाल ही में बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने एक वीडियो में सख्त चेतावनी दी थी, जिसके बाद वह काफी चर्चा में आए थे। वर्तमान में वे चुनाव आयोग द्वारा दूसरे चरण के मतदान को स्वतंत्र और निष्पक्ष कराने के लिए तैनात 95 ऑब्जर्वरों में शामिल हैं। फल्ता विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसका प्रतिनिधित्व TMC सांसद अभिषेक बनर्जी करते हैं। अभी इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दूसरे चरण के मतदान से पहले यह विवाद बंगाल की सियासी गर्मी को और बढ़ा रहा है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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