- अबतक के चुनावी इतिहास में असम का सबसे बड़ा पोलिंग
असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में जोरदार रुझान देखा गया। शाम 5 बजे तक प्राप्त आंकड़ों से तीनों राज्यों में मजबूत मतदाता भागीदारी का संकेत मिला है। असम विधानसभा चुनाव 2026 के पहले और एकमात्र चरण में मतदाताओं ने उत्साह की नई मिसाल पेश की है। मतदान खत्म होने यानी शाम 5 बजे तक राज्य में 84.42% मतदान दर्ज किया गया है, जो 2021 के कुल प्रतिशत को पार कर चुका है। असम में कुल मतदान 85.38% दर्ज हुआ। भारी मतदान के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या हिमंता बिस्वा सरमा दोबारा सत्ता में लौटेंगे या गौरव गोगोई का 'परिवर्तन' कार्ड काम कर जाएगा? आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पुडुचेरी में सबसे अधिक 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद असम में 85.38% प्रतिशत और केरल में 78.03 प्रतिशत मतदान होने की खबर है। असम में सभी 126 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक अनुमानित 84.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के विधानसभा चुनावों के 82.04 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश में कड़ी टक्कर देखी जा रही है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश कर रहा है, जबकि कांग्रेस एक दशक बाद सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर चुनाव लड़ रही है। असम के दलगांव विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 94.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि अमरी क्षेत्र में सबसे कम 70.40 प्रतिशत मतदान रहा। इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य के 35 जिलों में फैले 31,490 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान चला। केरल में सभी 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शाम 6 बजे समाप्त हुआ। हालांकि, कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। निर्धारित समय के बाद भी कतार में खड़े मतदाताओं को टोकन जारी कर उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई। शाम 5 बजे तक केरल में 75.01 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2021 के 74.06 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। सभी मतदाताओं के वोट डालने के बाद अंतिम मतदान प्रतिशत जारी किया जाएगा। ( अशोक झा की रिपोर्ट )
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