- सम्राट चौधरी है प्रवल दावेदार,शिवराज सिंह चौहान बने है प्रवेक्षक नीतीश कुमार कल देंगे इस्तीफा
बिहार एक महत्वपूर्ण राजनीतिक दौर में प्रवेश कर रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद पद छोड़ने वाले हैं। बैठक में अब कुछ ही घंटे शेष हैं, ऐसे में सभी की निगाहें भाजपा के अगले कदम और नेतृत्व के चयन पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य को आकार देगा।प्रधानमंत्री मोदी के शामिल होने की चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वे 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंच सकते हैं और समारोह में भाग लेने के बाद अगले दिन रवाना हो सकते हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी संभव
इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की भी चर्चा है। इससे यह समारोह केवल राज्य स्तर का नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक आयोजन बन सकता है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी अनिश्चितता
नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी के भीतर कई नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी नेतृत्व सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित घटनाक्रम के तहत 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं।
इसी दिन नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान भी संभव है। इसके अलावा, 14 अप्रैल को कैबिनेट की अहम बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की संभावना
जानकारी के मुताबिक, 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इसी कड़ी में सोमवार सुबह पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम लोकभवन पहुंचे, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
CM आवास पर बैठकों का दौर तेज
इस बीच, मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। जदयू के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री यहां पहुंचे। इनमें जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मंत्री विजय चौधरी शामिल हैं। इन बैठकों को संभावित सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा है।
सब कुछ योजना के मुताबिकः जदयू
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया तय योजना के अनुसार चल रही है और इसमें कोई बाधा नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं।
भाजपा की भी तैयारी तेज
दूसरी ओर, भाजपा विधायक दल के नेता के चयन के लिए 14 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पटना पहुंचेंगे। पार्टी ने उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
PM मोदी की मौजूदगी पर अटकलें
इस बीच, यह भी चर्चा है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निर्णायक होंगे अगले 48 घंटे
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति के लिए अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन घटनाक्रमों से राज्य में सत्ता परिवर्तन की दिशा और भविष्य की राजनीति तय हो सकती है। ( बिहार से अशोक झा की रिपोर्ट )
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