- श्रीराम के नारों से झंकृत हुआ बंगाल का कण कण
-श्रीराम नवमी महोत्सव में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लगे राम के नारे
- राम का नाम है सबसे महान, करता है हर दिल का कल्याण
श्रीराम नवमी महोत्सव समिति के बैनर तले सिलीगुड़ी सहित बंगाल के कोने कोने में भव्य शोभा यात्राएं निकाली गई। सिलीगुड़ी मल्लागुड़ी हनुमान मंदिर के निकल सजे मंच का संचालन सुशील रामपुरिया ने किया तो मंच को सुशोभित किया सुमन चटर्जी, साध्वी प्राची, सुलोचना मानसिंगा, रामेश्वर सरस्वती, महंत ज्योतिर्मय केशवानंद सरस्वती,सज्जन महाराज ,रामदत्त चक्रधर,सुनील साह, सोहन सोलंकी, जगधर महतो, डॉक्टर अमिताभ मिश्रा, मिलन रिजाल, हीरालाल अग्रवाल सपत्नी मौजूद थे। दर्शक दीर्घा में बैठे थे सांसद राजू विष्ट, विधायक आनंद बर्मन, शंकर घोष, शिखा चटर्जी समेत हजारों की संख्या में रामभक्त। वेदमन्त्र उच्चारण के साथ दीप प्रवजलन और संबोधन संपन्न हुआ। उसके बाद श्रीराम नवमी शोभा यात्रा वर्ष 2011 से लगातार चैत्र माह की शुक्ल की नवमी तिथि के दिन राम नवमी का पावन पर्व मनाने सड़कों पर निकल पड़ी। जाता है। आज देशभर में राम नवमी मनाई जा रही है. पौराणिक कथा के अनुसार, त्रेतायुग में भगवान विष्णु ने श्रीराम ने अपना सातवां अवतार लिया था। शोभायात्रा जुलूस में शामिल रामभक्तों के जय श्री राम के नारों से पूरा वातावरण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जयकारों से गूंज उठा। 16वें साल निकले श्री रामनवमी रथयात्रा में इस बार जहां ढाक की थाप के साथ नृत्य ने लोगों के मन को मोहा। जुलूस में शामिल दर्जनों झांकियां आकर्षण का केन्द्र रही।अलग अलग अखाड़ों के शामिल रामभक्तों के द्वारा अलग अलग झाकियों की प्रस्तुति ने जुलूस में शमा बांध दिया। वानर सेना के साथ रामभक्त हनुमान का गदा के साथ नृत्य, जटायु की उड़ान, राम दरबार, शिव के अलग अलग तांडव वाला रूप,अयोध्या में बने राम मंदिर का स्वरूप, मां काली का रौद्र रूप,राधा कृष्ण की प्रेम लीला प्रदर्शित करती झांकी , विशाल नंदी महाराज पर भगवान शिव और मां पार्वती की सवारी के साथ ब्रह्मकुमारी राजयोग गीता पाठशाला के ओम शांति केन्द्र की ओर से भगवान शिव और राम दरबार की झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहा। जुलूस में शामिल इन झाकियों को देखने के लिए सड़क के दोनों किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। देवी देवताओं के अलग अलग स्वरूप वाले झांकियों के गुजरने पर सड़क के किनारे और छत पर खड़े रामभक्तों ने इन पर पुष्प की वर्षा भी की। पर्यावरण बचाओ के साथ आरएसएस के 101वे वर्ष की झांकी लोगों का मन मोह रहा था। आज के चुनावी माहौल में जहां मंच से एक नेता दूसरे नेताजी भला बुरा कहते है वही आज इस बात की होड़ लगी थी हम बड़े राम भक्त या तुम।शोभायात्रा का भव्य स्वागत कही पुष्प वर्षा तो कही लड्डू वितरण कर किया गया। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/