- बांग्लादेश तुर्की से खरीदने जा रहा सिरिट लेजर मिसाइल सिस्टम, भारत को खतरा
- क्या बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान कर रहा युद्ध की तैयारी
- पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश में भी खोल रहा है आतंक का सेंटर, अपने बल पर पूरी दुनियां में फैलाना चाहता है इस्लाम
भारत और पाकिस्तान के बीच साल 2026 में युद्ध हो सकता है। यह चेताया है अमेरिका के एक थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस (CFR) ने। कहा है कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई तल्खी के बीच ढाका अपनी सैन्य क्षमता को तेजी से मजबूत कर रहा है। मोहम्मद यूनुस ( की अंतरिम सरकार के नेतृत्व में बांग्लादेश ने तुर्की का रुख किया है और सिरिट लेजर-गाइडेड मिसाइलों खरीदने का फैसला लिया है। हाल ही में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक सामने आई है. सिर्फ दो दिनों के भीतर तुर्की की सुरक्षा एजेंसियों ने देशभर में छापेमारी कर ISIS से जुड़े 482 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है।तुर्की के गृह मंत्री अली यरलीकाया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह 25 प्रांतों में एक साथ चलाए गए ऑपरेशन में 125 ISIS संदिग्धों को पकड़ा गया। इससे एक दिन पहले, मंगलवार को 21 प्रांतों में हुई छापेमारी में 357 लोगों को हिरासत में लिया गया था. इस तरह दो दिनों में कुल 482 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा गया. इन लगातार ऑपरेशनों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तुर्की एक बार फिर ISIS गतिविधियों का नया केंद्र बनता जा रहा है।क्यों अचानक तेज हुई कार्रवाई?:
इन छापों की टाइमिंग यूं ही नहीं है। सोमवार को तुर्की के उत्तर-पश्चिमी शहर यालोवा में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच करीब 8 घंटे तक मुठभेड़ चली। इस दौरान तीन पुलिसकर्मियों और छह संदिग्ध आतंकियों की मौत हो गई।हालात इतने गंभीर थे कि इलाके की पांच स्कूलों को बंद करना पड़ा और एहतियातन गैस व बिजली की सप्लाई रोक दी गई।इन छापेमारियों में तुर्की की कई एजेंसियां शामिल रहीं चीफ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस, नेशनल पुलिस का काउंटर टेररिज्म विभाग, खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस यूनिट्स। क्रिसमस और न्यू ईयर पर हमले की आशंका:
तुर्की अधिकारियों के मुताबिक, बीते हफ्ते ही 100 से ज्यादा ISIS संदिग्धों को इस आशंका में पकड़ा गया था कि वे क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान बड़े हमलों की योजना बना रहे थे. इसी इनपुट के बाद देशभर में आतंक विरोधी ऑपरेशनों को और तेज कर दिया गया।
तुर्की बनता जा रहा है ISIS का एपीसेंटर?:
इस साल तुर्की ने इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़े संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. करीब एक दशक पहले ISIS पर आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले कई घातक हमलों का आरोप लगा था. इनमें इस्तांबुल के एक नाइट क्लब और शहर के मुख्य हवाई अड्डे पर हुए हमले शामिल हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की मौत हुई थी.
एक समय तुर्की, सीरिया आने-जाने वाले विदेशी लड़ाकों के लिए एक अहम रास्ता माना जाता था. हालांकि 2015 से 2017 के बीच हुई हिंसा की लहर के बाद बड़े हमले काफी कम हो गए हैं, लेकिन पुलिस आज भी ISIS के स्लीपर सेल्स के खिलाफ नियमित रूप से ऑपरेशन चलाती रहती है। वही दूसरी ओर बांग्लादेश आधुनिक हथियार तुर्की से ले रहा है। ये 'स्मार्ट' मिसाइलें, जो पहले से बांग्लादेश के ड्रोनों और आने वाले हमलावर हेलीकॉप्टरों पर एकीकृत हैं, आधुनिक युद्ध में सटीक हमलों की क्षमता बढ़ाएंगी। दरअसल, शेख हसीना के कार्यकाल के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में बांग्लादेश-पाकिस्तान संबंध मजबूत हुए हैं। पाकिस्तान पहले से ही तुर्की से बड़े पैमाने पर हथियार खरीदता है। अब सवाल है कि सिरिट मिसाइल का भारत पर क्या असर हो सकता है? दरअसल, यह मिसाइल छोटे रॉकेट और निर्देशित टैंक-रोधी मिसाइलों के बीच की कमी को पूरा करती है। निर्माता के अनुसार, इसे विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर आसानी से लगाया जा सकता है। बांग्लादेशी रक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह देश की सैन्य जरूरतों के लिए आदर्श है। ड्रोन और हमलावर हेलीकॉप्टरों पर इसका परीक्षण हो चुका है। इन मिसाइलों से बांग्लादेश वायु सेना भारत के निकट चटगांव पहाड़ी क्षेत्र में दुश्मन ठिकानों को निशाना बना सकती है। इतना ही नहीं, बांग्लादेश तुर्की से छह टी-129 अटैक हमलावर हेलीकॉप्टर खरीदने की बातचीत कर रहा है। भविष्य में देश शक्तिशाली चौथी पीढ़ी के यूरोफाइटर जेट हासिल करना चाहता है। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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