- ममता के छापामारी के दौरान हस्तक्षेप पर राज्यपाल ने कहा "विनाश काले विपरीत बुद्धि"
- इसमें कानूनी मुद्दे और संवैधानिक मुद्दे शामिल,2 साल का जेल और जुर्माना दोनों का है प्रावधान
पश्चिम बंगाल में IPAC के दफ्तर में ED की रेड के दौरान हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क गईं और उन्होंने अलग से ड्रामा किया। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कहा, "यह मामला अब कलकत्ता हाई कोर्ट में है, यानी यह विचाराधीन है। किसी राज्यपाल के लिए ऐसे विषय पर जो विचाराधीन हो, उसपर टिप्पणी करना उचित नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "यह पूरी घटना, जिस तरह से मीडिया के जरिए सामने आई है, उसे देखकर मुझे कहना पड़ रहा है - विनाश काले विपरीत बुद्धि।"गवर्नर ने कहा, "इसमें कानूनी मुद्दे और संवैधानिक मुद्दे शामिल हैं। इसी आधार पर हमें पीस रूम में कई शिकायतें मिली हैं। आज कलकत्ता हाई कोर्ट के कई वकील विरोध प्रदर्शन के लिए यहां आए, उन्होंने भी अपने विचार रखे हैं। कानूनी राय भी मेरे संज्ञान में लाई गई है।"'संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ले रहा हूं…'उन्होंने कहा कि पहला किसी लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कामों को ठीक से करने से रोकना BNS के तहत एक अपराध है, जिसके लिए जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। दूसरा, किसी लोक सेवक को अपना कर्तव्य करने से डराना या धमकाना एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए 2 साल की जेल और जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। तीसरा मुद्दा संवैधानिक और गंभीर है।" इन सभी के बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को किसी ने धमकी भरा ईमेल भेज दिया, जिसमें लिखा उन्होंने बताया कि ईमेल भेजने वाले ने राज्यपाल को उड़ा देने की धमकी दी। अधिकारी ने बताया, 'आरोपी ने ईमेल में अपना मोबाइल नंबर भी दिया है। हमने डीजीपी को सूचित कर दिया है और उनसे उस व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार करने को कहा है।'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है। इस मामले की सूचना केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दे दी गई है। अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस और सीआरपीएफ मिलकर काम कर रहे हैं। बोस को जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और अब उनकी सुरक्षा के लिए लगभग 60-70 केंद्रीय पुलिस कर्मी तैनात हैं।
भाजपा ने बंगाल में सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने टीएमसी सरकार पर पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह ध्वस्त होने का आरोप लगाया। मालवीय ने कहा, 'ममता बनर्जी के शासन में आपका स्वागत है, जहां राज्यपाल भी सुरक्षित नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।' उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ममता बनर्जी कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रही एक निजी कंपनी की रक्षा करने के लिए ईडी से आपराधिक फाइलें छीनने में व्यस्त हैं। ममता बनर्जी एक असंयमित आपदा हैं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/