बांग्लादेश में बीते कई दिनों से जारी हिंसा के बीच हिंदुओं के ऊपर जुल्म की इंतहा होती चली जा रही है। अब रिपोर्ट्स सामने आई है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक और हिंदू युवक पर बेरहमी से हमला किया है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के बीच एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। राजधानी ढाका से करीब 150 किलोमीटर दूर एक गांव में हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की गई। इस हमले में गंभीर रूप से झुलसे खोकन दास अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।वे अपनी फार्मेसी बंद करके घर लौट रहे थे कि तिलोई इलाके में रात करीब 9 बजे हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।हमलावरों ने पहले उन्हें बेरहमी से पीटा, फिर धारदार हथियारों से कई बार वार किया। इसके बाद उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। लेकिन खोकन दास ने जान बचाने के लिए पास के तालाब में छलांग लगा दी। इससे आग बुझ गई, लेकिन वे गंभीर रूप से झुलस गए और घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया और शरियतपुर सदर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत नाजुक है और बाद में उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया।
दरअसल, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं थम नहीं रही हैं। यह हमला पिछले दो हफ्तों में हिंदू समुदाय पर चौथा बड़ा हमला है। हमले का मकसद और हमलावरों की पहचान अभी पता नहीं चली है।
इस घटना से हिंदू अल्पसंख्यकों में डर और तनाव बढ़ गया है। ये हमले एंटी-इंडिया युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच हो रहे हैं। हादी की मौत पर प्रदर्शनकारी भारत विरोधी नारे लगा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि उनके हत्यारे भारत भाग गए। इन प्रदर्शनों में हिंसा बढ़ी है और अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं।
दो दिन पहले ही मयमनसिंह में हत्या
इस हमले से दो दिन पहले ही मयमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति बजेंद्र बिस्वास को गोली मार दी गई। बजेंद्र एक गारमेंट फैक्ट्री में सिक्योरिटी ड्यूटी पर थे। उनका साथी नोमान मिया ने कथित तौर पर उनसे कहा, 'क्या मैं गोली मारूं?' और फिर शॉटगन से गोली चल गई। बजेंद्र की मौत हो गई और नोमान को गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि यह गोली ग़लती से चली। दोनों एक पैरामिलिट्री फोर्स अंसार बहिनी के सदस्य थे।इससे पहले पिछले हफ्ते अमृत मंडल नाम के व्यक्ति को जबरन वसूली के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। पुलिस ने कहा कि यह साम्प्रदायिक नहीं, बल्कि अपराधी गतिविधि का मामला था। अमृत पर पहले से कई केस थे।
दीपू चंद्र को पीटा और आग लगा दी थी
उससे कुछ दिन पहले फैक्ट्री वर्कर दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के झूठे आरोप में भीड़ ने पीटा, पेड़ पर लटकाया और शरीर को आग लगा दी। इस घटना की दुनिया भर में निंदा हुई और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठे। आरोप था ईशनिंदा का, लेकिन जांच में कोई सबूत नहीं मिला। परिवार का कहना था कि यह फैक्ट्री में पुरानी दुश्मनी का मामला था। 12 लोग गिरफ्तार हुए।भारत सरकार ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है। भारत ने कहा कि बांग्लादेश सरकार को इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। भारत इन घटनाओं पर नजर रख रहा है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने इन हमलों की निंदा की है और कहा है कि अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा है कि ये घटनाएँ छिटपुट हैं।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के दौरान अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी चिंता जताई है कि ईशनिंदा के आरोपों पर भीड़ हिंसा कर रही है। हिंदू समुदाय के लोग डरे हुए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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