उत्तर बंगाल में चुनाव से पहले ही चाय श्रमिकों का भाजपा ने दिल जीत लिया है। राज्य के विरोधी दल नेता के साथ सभी भाजपा सांसद और विधायक श्रमिकों के साथ जश्न में है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से के सात जिलों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए पहचान और निवास के वैध दस्तावेजों के रूप में चाय बागान और सिंकोना बागान रोजगार रिकॉर्ड के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है।पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने 'एक्स' पर निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को जारी किया गया 11 जनवरी का एक पत्र पोस्ट किया।अधिकारी द्वारा साझा किए गए पत्र में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिलों में एसआईआर 2026 के लिए चाय बागान और सिंकोना बागान रिकॉर्ड को दस्तावेजों के रूप में स्वीकार करने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।
अधिकारी ने इस फैसले को ''बड़ी जीत'' बताते हुए कहा कि यह उत्तर बंगाल की लंबे समय से उपेक्षित आवाज़ों के लिए है। भाजपा नेता ने कहा, ''यह मंजूरी उत्तरी बंगाल के उन जिलों पर लागू होती है, जहां हमारे मेहनती आदिवासी और वनवासी लोग और बागान श्रमिक दस्तावेजी बाधाओं और राज्य सरकार की लापरवाही के कारण लंबे समय से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहे हैं।''अधिकारी ने इन क्षेत्रों के सभी पात्र मतदाताओं से आगे आकर अपने बागान रोजगार रिकॉर्ड का इस्तेमाल करते हुए मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार जनता की सच्ची शक्ति है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। ( दार्जलिंग से अशोक झा की रिपोर्ट )
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